छात्र परिषद का ख़ाका तैयार

इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र परिषद चुनाव का प्रारुप, नियमावली और आचार संहिता तैयार कर ली गई है। प्रो. केएस मिश्र की अध्यक्षता में गठित समिति ने कुलपति प्रो. रतनलाल हांगलू को रिपोर्ट सौंप दी है। कुलपति ने इस पर स्वीकृति भी दे दी। इसमें 64 प्रतिनिधि प्रत्यक्ष मतदान के जरिए चुने जाएंगे। जबकि 21 प्रतिनिधि नामित किए जाएंगे। इस तरह कुल 85 प्रतिनिधियों की छात्र परिषद होगी।

 

लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुसार छात्र परिषद का खाका तैयार 

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ खत्म कर छात्र परिषद लागू कर दिया गया है। छात्र नेता लगातार इसका विरोध कर रहे हैं। इस विरोध के बीच समिति ने लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुसार छात्र परिषद का खाका तैयार कर लिया है। अब छात्र परिषद में शीर्ष स्तर पर पांच केंद्रीय पदाधिकारी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, संयुक्त सचिव और सांस्कृतिक सचिव होंगे। छात्र परिषद का अध्यक्ष समस्त पदाधिकारियों की बैठक होने पर उसकी अध्यक्षता करेगा। अध्यक्ष की अनुपस्थिति में उसके पद की जिम्मेदारी उपाध्यक्ष पर होगी। छात्र परिषद की बैठक बुलाने का अधिकार सचिव को होगा। सचिव की अनुपस्थिति में संयुक्त सचिव उसके कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे। सांस्कृतिक सचिव विश्वविद्यालय में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का कार्य करेगा।

 

पदाधिकारियों के चुनाव को यूनिवर्सिटी में पांच इकाई बनी

इन पदाधिकारियों के चुनाव के लिए यूनिवर्सिटी में पांच इकाई बनाई गई है। उसमें कला संकाय, वाणिज्य संकाय, विज्ञान संकाय, विधि संकाय, आइपीएस और अन्य सेंटरों को मिलाकर पांचवीं इकाई बनाई जाएगी। फिर छात्रों के मतदान के जरिए इन्हीं पांच इकाइयों से प्रतिनिधि चुने जाएंगे और चुने हुए प्रतिनिधि अपने बीच से केंद्रीय पदाधिकारियों का चयन करेंगे।

हर संकाय से अनिवार्य रूप से एक पुरुष और एक महिला प्रतिनिधि का पोल होगा। शोध के स्तर पर पांचों संकाय से 10 छात्र प्रतिनिधि चुने जाएंगे। इनमें पांच पुरुष और पांच महिलाएं होंगी। इसके अलावा परास्नातक स्तर पर पांचों संकाय में 20 प्रतिनिधियों का चुनाव होगा। वहीं स्नातक स्तर पर प्रथम वर्ष, द्वितीय वर्ष, तृतीय वर्ष और जहां चतुर्थ व पांच वर्षीय कोर्स है वहां से एक पुरुष और एक महिला प्रतिनिधि का चुनाव किया जाएगा। इस तरह स्नातक स्तर पर कुल 34 छात्र प्रतिनिधियों का चयन किया जाएगा। इसमें आधी संख्या छात्राओं की होगी। कुल मिलाकर प्रत्यक्ष चुनाव के जरिए 64 प्रतिनिधि चुने जाएंगे। इसमें हर प्रतिनिधि का चुनाव उसी के संवर्ग के छात्र-छात्रा करेंगे। चुने हुए यह छात्र प्रतिनिधि अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, संयुक्त सचिव और सांस्कृतिक सचिव का चुनाव करेंगे।

नामित किए जाएंगे कुछ सदस्य

छात्र परिषद की केंद्रीय समिति में 21 सदस्य नामित किए जाएंगे। सांस्कृतिक, खेल कूद, पिछड़ी जाति, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक वर्ग से भी प्रत्येक संकाय से स्नातक, परास्नातक और शोध स्तर पर एक-एक छात्र नामित किया जाएगा।

आपराधिक मुकदमे हैं तो नहीं लड़ सकेंगे चुनाव

हर स्तर पर चुनाव में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों की उम्र सीमा लिंगदोह समिति की सिफारिश के हिसाब से ही होगी। लिंगदोह समिति ने स्नातक स्तर पर अधिकतम 22 वर्ष, परास्नातक स्तर पर 25 वर्ष और शोध स्तर पर अधिकतम 30 वर्ष की उम्र सीमा का सुझाव दिया है। वहीं जिनकी उपस्थिति 75 फीसद से कम होगी और आपराधिक मुकदमे होंगे तो वह चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।

बोले इविवि के जनसंपर्क अधिकारी

इविवि के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. चित्तरंजन कुमार ने कहा कि छात्र परिषद चुनाव का मॉडल ज्यादा व्यापक और पारदर्शी है। इसमें महिलाओं की आधी हिस्सेदारी होगी। साथ ही हर संकाय से हर सामाजिक वर्ग को भी प्रतिनिधित्व मिलेगा। पूरी प्रक्रिया में लिंगदोह समिति की सिफारिशों का ध्यान रखा गया है।

 

Source : JNN Prayagraj

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